Tuesday, October 4, 2022
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प्रदेश भर के आईटीआई में वर्षों पूर्व हुई प्रशिक्षकों की भर्ती को अब निरस्त किया जा सकता है।

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प्रदेश भर के आईटीआई में वर्षों पूर्व हुई प्रशिक्षकों की भर्ती को अब निरस्त किया जा सकता है। शासन स्तर पर इसकी तैयारी भी शुरू होने की सूचना है। वर्षों से इस मामले की शिकायतें हो रही थी और जांच भी हुई थी। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। अब मामले पर कार्रवाई करने की तैयारी शासन स्तर पर चल रही है। सूत्रों की माने तो पूरी भर्ती ही निरस्त की जा सकती है।


मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में पूर्व की भाजपा सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2010 में 723 प्रशिक्षकों की भर्ती प्रदेश भर आईटीआई में की गई थी। भर्ती प्रक्रिया पूरी करके 2013 में नियुक्ति दी गई। इसके साथ ही 2 साल की परिवीक्षा अवधि पूर्ण करने के बाद सभी 723 लोगों को नियमित भी कर दिया गया।

भर्ती के समय से ही आरक्षण के नियमों का पालन करने किए जाने की शिकायत होती रही। कई लोगों ने अधिकारियों से शिकायत की थी। शिकायत के बाद जांच भी हुई थी। जांच में भी आरक्षण के नियमों का पूरी तरह से पालन नहीं किए जाने और गड़बड़ी होना साबित हुआ है। अब नौकरी के 8 वर्ष बाद इन सभी को नियुक्ति में नियम का पालन नहीं होने का हवाला देकर नौकरी से हटाने की तैयारी की जा रही है। इसी के तहत सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं:

बीते 8 सालों से नौकरी कर रहे इन कर्मचारियों को जो शो कॉज नोटिस जारी किया गया है उसमें उल्लेख है कि उनकी भर्ती के दौरान छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियां और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 की धारा 14 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है। इस नियम में यह उल्लेखित है कि अगर आरक्षण रोस्टर का •पालन नहीं किया गया तो समस्त नियुक्तियां शून्य होंगी। सभी को जवाब के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था।

जांच में गड़बड़ी का खुलासा:


आरोप है कि राज्य के समस्त आईटीआई के लिए हुई इस भर्ती प्रक्रिया के लिए नियमों को ताक पर रख दिया गया। मामले की लोक आयोग में शिकायत के बाद जांच की गई, तब पता चला कि आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया। चहेतों को नौकरी देने के लिए बड़ी गड़बड़ी की गई है।

आदेश का करेंगे पालन न्यायालय के आदेश का परिपालन करते हुए अग्रीम कार्रवाई की जाएगी।
अवनिश शरण संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण (कौशल विकास)

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Aman Agrawal
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