Sunday, October 2, 2022
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SAIL Bhilai को कोरोड़ों का लाभ, घाटे में हजारों मेहनतकश

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SAIL Bhilai : राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद भी नहीं मिला एरियर्स

SAIL Bhilai के करोड़ों के प्राफिट में होने के बाद भी हजारों कर्मियों को वेतन और सुविधाओं के मामले में बेहिसाब घाटा हो रहा है। सहूलियतें भी अधिकारियों से कमतर हैं। ठेका मजदूरों की स्थिति तो कर्मचारियों से भी दयनीय है। इससे मेहनतकश तबके में असंतोष बढ़ रहा है।

SAIL Bhilai

पांच साल पहले विश्वव्यापी मंदी के चलते सेल घाटे में था। इसके बाद धीर धीरे कंपनी की आर्थिक सेहत सुधरती गई । वर्तमान में देश की महारत्न कंपनी सेल भारी प्राफिट में है। इस वित्तीय वर्ष में सिर्फ 9 महीने ही कंपनी ने 9597 करोड़ का लाभ कमाया है। इसके साथ 16222 करोड़ रुपए का पुराना कर्ज भी कम किया है।

यूनियनों के मुताबिक सेल ने सरकार को एडवांस में 1557 करोड़ रुपयों का लाभांश दिया है। लेकिन कंपनी के इस लाभ के बाद भी इसे इस बेहतर स्थिति में लाने वाले सेल के 50 हजार से अधिक कर्मचारी वेतन और सुविधाओं के मामले में घाटे में हैं।

पिछले साल के अंत में हुए सेल वेतन समझौते से भारी नुकसान के अलावा अन्य कई सुविधाओं में प्रबंधन डंडी मार रहा है। लंबे समय से डेली रिवार्ड स्कीम बंद है, जिसे अब तक शुरु नही किया गया है। कर्मचारी दशकों पुरानी इंसेटिव पालिसी में सुधार की भी मांग कर रहे हैं।लेकिन प्रबंधन के ध्यान नहीं दिए जाने से कर्मियों को हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है।

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इस पर प्रबंधन द्वारा आवास, बिजली, पानी, कैंटीन बच्चों के शिक्षा के शिक्षा पर मिलने वाली सब्सिडी कटौती का भी फरमान जारी कर दिया गया है। सब्सिडी को जारी रखे जाने की मांग की गई है। बीडब्ल्यूयू के अध्यक्ष उज्जवल दत्ता बताते हैं कि सेल के प्राफिट में होने के बाद भी हजारों कर्मियों को वेतन व व सुविधाओं को मामले में घाटा झेलना पड़ रहा है।

सुविधाओं में भेदभाव से असंतोष

सेल में कई सुविधाओं के मामले में बीएसपी कर्मचारी प्रबंधन के भेदभाव से भी क्षुब्ध हैं। अधिकारियों का एचआरए और छुट्टियों को बढ़ा दिया गया है। लेकिन कर्मचारी अब तक इसका इंतजार कर रहे हैं। यूनियनें इस मामले में अधिकारियों की तरह उदारता की मांग सेल प्रबंधन से कर रही हैं।

वे लंबे समय से अधिकारियों की तरह फर्नीचर, लैपटांप और मोबाइल एडवांस की भी मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक कुछ नतीजा शिफर है। कर्मचारियों के मुताबिक नाइट शिफ्ट में काम करना एक चुनौती है। लेकिन प्रबंधन द्वारा रात्रि पाली भत्ता अब तक कम से कम 3 सौ रुपए व ड्रेस व मोबाईल भत्ता भी नहीं बढ़ाया जा रहा है।

यूनियनों के मुताबिक कम ब्याज दर पर आवास लोन, शिक्षा लोन और वाहन लोन को शुरू करने के साथ अधिकारियों की तरह 3 स्टेजनेंट इंक्रीमेंट नहीं दिए जाने से कर्मियों को हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है। सभी बीएसपी कर्मियों को उनकी योग्यता के अनुसार और अनुभव के आधार पर सम्मानजनक पदनाम देने में प्रबंधन की सुस्ती से भी कर्मचारियो में असंतोष बढ़ रहा है।

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Aman Agrawal
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